क़ुरआन मजीद - हिन्दी अनुवाद, मुहम्मद फ़ारूक़ ख़ान
86. At-Tariq (The Comer by Night)
1 साक्षी है आकाश, और रात में प्रकट होनेवाला -
2 और तुम क्या जानो कि रात में प्रकट होनेवाला क्या है?
3 दमकता हुआ तारा! -
4 कि हर एक व्यक्ति पर एक निगरानी करनेवाला नियुक्त है
5 अतः मनुष्य को चाहिए कि देखे कि वह किस चीज़ से पैदा किया गया है
6 एक उछलते पानी से पैदा किया गया है,
7 जो पीठ और पसलियों के मध्य से निकलता है
8 निश्चय ही वह उसके लौटा देने की सामर्थ्य रखता है
9 जिस दिन छिपी चीज़ें परखी जाएँगी,
10 तो उस समय उसके पास न तो अपनी कोई शक्ति होगी और न कोई सहायक
11 साक्षी है आवर्तन (उलट-फेर) वाला आकाश,
12 और फट जानेवाली धरती
13 वह दो-टूक बात है,
14 वह कोई हँसी-मज़ाक नही है
15 वे एक चाल चल रहे है,
16 और मैं भी एक चाल चल रहा हूँ
17 अत मुहलत दे दो उन इनकार करनेवालों को; मुहलत दे दो उन्हें थोड़ी-सी