क़ुरआन मजीद - हिन्दी अनुवाद, मुहम्मद फ़ारूक़ ख़ान
95. At-Tin (The Fig)
1 साक्षी है तीन और ज़ैतून
2 और तूर सीनीन,
3 और यह शान्तिपूर्ण भूमि (मक्का)
4 निस्संदेह हमने मनुष्य को सर्वोत्तम संरचना के साथ पैदा किया
5 फिर हमने उसे निकृष्टतम दशा की ओर लौटा दिया, जबकि वह स्वयं गिरनेवाला बना
6 सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और जिन्होंने अच्छे कर्म किए, तो उनके लिए कभी न समाप्त होनेवाला बदला है
7 अब इसके बाद क्या है, जो बदले के विषय में तुम्हें झुठलाए?
8 क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं हैं?