क़ुरआन मजीद - हिन्दी अनुवाद, मुहम्मद फ़ारूक़ ख़ान
111. Al-Lahab (The Flame)
1 टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया!
2 न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया
3 वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा,
4 और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली,
5 उसकी गरदन में खजूर के रेसों की बटी हुई रस्सी पड़ी है