क़ुरआन मजीद - हिन्दी अनुवाद, मुहम्मद फ़ारूक़ ख़ान
113. Al-Falaq (The Dawn)
1 कहो, "मैं शरण लेता हूँ, प्रकट करनेवाले रब की,
2 जो कुछ भी उसने पैदा किया उसकी बुराई से,
3 और अँधेरे की बुराई से जबकि वह घुस आए,
4 और गाँठो में फूँक मारने-वालों की बुराई से,
5 और ईर्ष्यालु की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।"